50 मुहावरे और उनके अर्थ वाक्य प्रयोग

आइए जानते हैं 50 मुहावरे और उनके अर्थ वाक्य प्रयोग बहत ही सरल भाषा में। यहाँ हम ऐसे ऐसे 50 मुहावरे और उनके अर्थ वाक्य प्रयोग जानेंगे जिन्हे शायद अपने कभी नहीं सुन होगा। तो चलिए शुरू करते हैं 50 मुहावरे और उनके अर्थ वाक्य प्रयोग हिन्दी में।

50 मुहावरे और उनके अर्थ वाक्य प्रयोग

1.       अंगूठा दिखाना (मना करना)- जव रमेश ने रोहित से मिठाई मांगी तव उसने अंगूठा दिखा दिया। 

2.       अक्ल चरने जाना(समय पर बुद्धिकाम न आना)- अरे श्याम कल क्या तुम्हारी अकल चरने गई थी, कल की जगह तुम आज आ रहे हो। 

3.       अन्न जल उठना(मृत्यु को प्राप्त होना)- आज हमारे दोस्त का इस संसार से अन्न जल उठ गया है। 

4.       अपना उल्लु सीधा करना(किसी प्रकार अपना काम निकालना)-स्वार्थी लोग हमेशा अपना उल्लू सीधा करते रहते हैं। 

5.       आँसू पीकर रह जाना(मन ही मन में दु:खी होना)- जब मुझे अपने बिछुड़े हुए मित्र की याद आती है, तब में आँसू पीकर रह जाता हूँ।  

6.       आप से बाहर होना(क्रोध में अपना सन्तुलन खो देना)- राजेश ने आपे से बाहर होकर महेश को पीट दिया। 

7.       इज्जत दो कौड़ी की होना(इज्जत जाना)-पुलिस के द्वारा पकड़े जाने पर राम की इज्जत दो कौड़ी की हो गई है।

8.       उधेड-बुन में लगना(सोच विचार करना)-मैं अपने बच्चों के पेट भरने के उधेड़-बुन में लगा रहता हूँ। 

9.       ऊँच-नीच सोचना(परिणाम के बारे में सोचना)-ऊँच-नीच सोचकर ही हमें किसी काम को करना चाहिए। 

10.     ओठ काटना(क्रोध दिखाना)-मोहन अपने अपमान को ओठ काटकर सह गया।

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11.     कलम तोड़ना (अनूठी बातें लिखना)-मोहन राकेश ने अपने पात्रों का कलम तोड़ चित्रण किया है।    

12.     कलेजे पर साँप लोटना(ईर्ष्या से दिल जलना)- मोहन की सफलता  को देख कर राजेश के कलेजे पर साँप लोटने लगा। 

13.     कान पर जूवा रेंगना (प्रभाव न पड़ना)- महेश बार बार मना करने पर भी गलत काम किये जाते है। उसके कान पर जूं नहीं रेंगती। 

14.     कुत्ते की मौत मरना(बहुत बुरी तरह से मृत्यु को प्राप्त होना)-चोर पकड़े जाने पर जनता द्वारा कुत्ते की मौत मारा गया। 

15.     ख्याली पुलाव पकाना(कल्पना करना)- हमें ख्याली पुलाव पकाने के स्थान पर कार्य क्षेत्र में उतरना चाहिए। 

16.     खून खौलना(अत्यन्त क्रोधित होना)- राधा ने जब उषा को गाली दी तब उसका खून खौल गया। 

17.     गड़े मुर्दे उखाड़ना(बीती बातों को पुन याद करना)- रमेश को गड़े मुर्दे उखाड़ने की आदत है। 

18.     घर सिरपर उठाना(बहुत हल्ला करना)- बच्चों ने शोर करके घर को सिरपर उठा रखा है। 

19.     चुल्लूभर पानी में डूब मरना(शर्म से मुंह न दिखाना)- अपने पापों के  प्रायश्चित के लिए तुम्हें चुल्लूभर पानी में डूब मरना चाहिए। 

20.     छातीपर पत्थर रखना(चुपचाप सहन करना)-छाती पर पत्थर रखकर माँ ने अपनी पुत्री को हिमालय पर चढ़ने की अनुमति दी।   

21.     जली कटी सुनाना(कटु और तीखे वचन बोलना)- सौतली मां अपने बेटों को जली-कटी सुनाती है। 

22.     टस से मस न होना (जरा भी प्रभावित न होना)- मोहन को लाख समझाओ वह अपनी बात से टस से मस नहीं होता। 

23.     डींग मारना(लम्बी-चौड़ी बातें करना)-महेश अपने शिकार यात्रा की डींग मारता है। 

24.     ढिढोरा पीटना(किसी बात को हर जगह कहते फिरना)- राजा लोग किसी सूचना को जनता तक पहुँचाने के लिए ढिंढोरा पिटबाते थे।

25      तिलका ताड़ करना (छोटी सी बात को बहुत बढ़ा देना)- रमेश छोटी छोटी बातों को भी तिल का ताड़ बना कर कहता है। 

26.     दबे पाँव निकलना(चुपके से खिसक जाना)-शेर को देखते ही मैं दबे पाँव निकल भागा। 

27.     दिमाग चाटना या खोपड़ी चाटना(व्यर्थ की बातों से तंग करना)- तुम व्यर्थ को बातें कर मेरा दिमाग चाटना बन्द कर दो।

28.     दो नावों पर पैर रखना(दो कामों में एक साथ हाथ डालना)- एकसाथ दो नावों पर पैर रख कर हम सफलता प्राप्त नहीं कर सकते। 

29.     नाक रगड़ना(बड़ी दीनता से प्रार्थना करना)- तुमने जो अपराध किया है, उसके लिए नाक रगड़ने से कोई फायदा नहीं हैं।

30.     नौ-दो-ग्यारह होना(देखते ही देखते भाग जाना)-पुलिस के आने से पहले चोर नौ-दो-ग्यारह हो गया। 

31.     पगड़ी रखना (आग्रह करना)– हरेन्द्र बाबु ने अपनी लड़की की शादी के लिये अपनी पगड़ी रख दी। 

32.     पीठ ठोकना(उत्साह बढ़ाना)-पिताजी ने बेटे की पीठ ठोक कर शाबाशी  दी।  

33.     बगले झांकना(निरुत्तर हो जाना)- पकड़े जाने पर मोहन बगले झांकने  लगा।  

34.     बाल-बाल वचना(पूर्णतया हानि में थोड़ी सी कसर रह जाना)– गाड़ी से धक्का लगने के पश्चात् राम बाल-बाल बच गया। 

35.     मक्खियाँ मारना(बेकार वैठना)- कार्यालय में काम न होने कारण अधिकारी मक्खियाँ मार रहे हैं। 

36.     रंग चढ़ना (असर पड़ना)- परीक्षा में प्रथम जाने से मोहन पर रंग चढ़ गया है। 

37.     लोहा मानना(किसी की शक्ति का कायल होना)- हमारी बहनजी की बुद्धि का सभी लोहा मानते हैं। 

38.     लोहा लेना(मुकावला करना)- छोटे पहलबान ने बड़े पहलबान से लोहा लेना स्वीकार कर लिया है। 

39.     सितारा चमकना(भाग्य उदय होना)- आज कल मेरा सितारा चमक रहा है। 

40.     सिर से बला टलना(झंझट दूर होना)- हमें अपने सिर से बला टाल कर शान्ति से रहना चाहिये। 

41.     सिर नीचा होना(अपमानित होना)- बेटे की गलती से बाप का सिर नीचा हो गया।  

42.     हजम करना(दूसरे की वस्तु को मार लेना)- दूसरे की वस्तु को मार लेने अर्थात् हजम करने की आदत आम हो गई है। 

43.     हड्डियाँ तोड़ना(खूब पीटना)- लोगों ने चोर को हड्डियाँ तोड़कर पीटा। 

44.     हथेली पर जान लिए फिरना(जान की परवाह न करना)- वीर लड़ाई के मैदान में हथेली पर जान लिये फिरता है। 

45.     हवाई किलें बनाना(मन में बड़ी-बड़ी कल्पना करना)- हवा का रूख देख कर हमें अनाज खरीदना चाहिये।

46.     हवा का रूख देखना(मौका देखकर काम करना)- हवा का रूख देख कर हमें अनाज खरीदना चाहिये।  

47.     हाथ का मैल(तुच्छ वस्तु)- रुपया हाथ के मैल की तरह होता है। इसका आना जाना तो लगा ही रहता है। 

48.     हाथ धोकर पीछे पड़ना(बुरी तरह पीछे लगन)- मेरा मित्र हाथ धोकर मेरे पीछे पड़ा है। 

49.     हाथ पसारना(मांगना)- हमे किसी के सामने हाथ नहीं पसारना चाहिए। 

50.     हुक्म चलाना(आज्ञा देना)– कुछ लोगों को हुक्म चलाने की आदत होती है।  

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