परी और इमली का पेड़ छोटे बच्चों की कहानियां

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इमली का पेड़ अच्छी अच्छी कहानी bacchon ke kahani story for kids in hindi

 

(Tokyo) टोक्यो में एक औरत जिसका पति मर चुका था अपने एक बेटे के साथ रहती थी। लोगो के घरों में काम कर वो अपना और अपने बेटे का पेट पालती थी। उनके झोपड़ी के सामने एक इमली का पेड़ था जिसके नीचे उसका बेटा पूरे दिन आराम करता रहता वो कुछ काम नहीं करता था पूरा दिन या तो खेलना या फिर आराम करना यही आता था बस उसे।एक बार की बात है जैक इमली के पेड़ के नीचे सो रहा था।  तभी उसकी मम्मी ने आवाज लगाई,”जैक! इधर आओ जल्दी! इस लड़के के पास तो पूरे दिन सोने के अलावा और कुछ काम नहीं है।जैक उठा और मम्मी के पास गया और बोला,”क्या हुआ मम्मी इतनी अच्छी नींद आ रही थी डिस्टर्ब कर दिया।मम्मी ने जैक को एक थप्पड़ मारते हुए कहा, जैक जाओ जल्दी और मार्केट से कुछ केंकडे और नमक लेकर आओ। रात के खाने के लिए घर में कुछ नही है जाओ अब जल्दी।मम्मी,”और सुनो बचे हुए पैसे वापस लाना कहीं कुछ खरीद कर खा मत जाना समझे!जैक बाजार गया और उसने वहां से केंकड़े और नमक खरीद कर अपने बैग में डाल दिए। 

पर जैक के पास तो पैसे भी बच गए थे,उनको लेकर वो घर की ओर निकल गया। रास्ते में एक नदी पड़ी जैक पुल के उपर से नदी पार कर ही रहा था की तभी उसने देखा कि,वहीं पास में ही एक आदमी खिलौने बेच रहा है। जैक ने सोचा क्यों न मैं इन बचे हुए पैसों से अपने लिए खिलौना खरीद लूं मम्मी तो मुझे कभी दिलाती ही नही है अगर उनको पूछ कर खरीदा तो मुझे वो कभी नही लेनी देंगी। लेकिन अगर मैने सामान घर पर नही पहुंचाया तो मम्मी मुझे फिर मारेगी। क्या करूं!

हां एक काम करता हूं इतना कह कर जैक ने नमक के पैकेट को नदी में डाल दिया और केंकड़ो को जमीन पर छोड़ दिया। 

और कहने लगा,”ये नदी मेरे घर तक जाती है मम्मी को ये नमक का पैकेट दिख ही जाएगा। और उन केंकडो के कान में जैक ने अपने घर का रास्ता बता दिया।और बोला ,”सुनो तुम जल्दी से घर जाओ अगर जरा भी देर हुई तो मम्मी गुस्सा करेंगी।

और फिर जैक खिलौने लेकर अपने दोस्त के साथ खेलने चला गया।

इधर नमक का पैकेट खुल गया और सारा नमक पानी में घुल गया।और केंकडे कौन सा घर पहुंचने वाले थे।

शाम हुई तो जैक बोला अभी तक तो मम्मी ने खाना बना दिया होगा।घर चलता हूं ।

घर पहुंचा तो जैक की मम्मी एक डंडा लिए दरवाजे पर ही जैक का इंतजार कर रही थी। जैक ने मम्मी से कहा,”मम्मी क्या हुआ! आप यहां ऐसे डंडा लेकर क्यूं खड़ी हो मुझे बोहोत भूख लग रही है प्लीज खाना दे दो।

मम्मी,”खाना तो तब बनेगा जब तुम केंकडे लाओगे कहां है? जो मैने सामान मंगवाया था ?

जैक,”क्या! क्या वो अभी तक घर नहीं आए?

मम्मी,”घर नही आए का क्या मतलब है क्या वो खुद चल कर आ रहे हैं? 

जैक,”हां मैने तो कबका उन्हे घर का रास्ता बता कर भेजा था और नमक की थैली भी नदी में डाल दी थी ताकि आपको वो दिख जाए।

लगता है वो केंकडे बोहोत आलसी हैं 

इतना सुनते ही मम्मी ने जैक पर डंडों की बरसात कर दी।

मम्मी,”तुम्हारे पास दिमाग नही है? क्या नमक पानी में तैर सकता है वो तो पानी में गल गया होगा। और केंकडे क्या खुद घर तक आ जाएंगे? वो तो पता नही कहां चले गए होंगे अभी तक! तुम्हारी इस हरकत के लिए आज तुम्हे खाना नही मिलेगा जैक! जब रात भर भूखे रहोगे तो अक्ल आ जाएगी तुम्हे और आज तुम घर के अंदर भी नही आओगे रात भर बाहर ही रहो ये कह कर मम्मी ने जोर से दरवाजा बंद कर लिया। अब जैक बेचारा रात भर बाहर ही रहा और उपर से उसे भूख भी लग रही थी पर वो करता भी तो क्या ? वो वहीं इमली के पेड़ के नीचे जा कर बैठ गया और सोने की कोशिश करने लगा जैसे ही जैक ने आंखें बंद की तभी उसको एक आवाज आई। सुनो छोटे लड़के! 

जैक ने आंखें खोली तो देखा की एक सफेद कपड़ों में सुंदर सी लड़की जिसके पंख भी हैं उसी से बोल रही थी।

जैक ने कहा कौन हैं आप? 

परी pari,”मैं एक जादुई परी pari हूं रात में आसमान में घूमती हूं तुम इतने छोटे हो और इतनी रात गए यहां अकेले क्या कर रहे हो ?

जैक उदास हो कर बोला,”मेरा नाम जैक है और मैं अपनी मम्मी के साथ इसी झोपड़ी में रहता हूं आज मेरी मम्मी ने मुझे मार्केट से नमक और केंकडे लाने भेजा था पर मैने खेलने के चक्कर में नमक को पानी में फेक दिया और केंकड़ो को जमीन पर छोड़ दिया मुझे लगा की वो दोनों घर आ जाएंगे पर वो तो नही आए! इसलिए मम्मी ने मुझे आज रात बाहर ही रहने की सजा दी है।

परी  pari जोर से हंसने लगी और बोली,”जैक तुम तो बोहोत मासूम हो अच्छा ठीक है में तुम्हारी मदद कर सकती हूं।

जैक बोला , सच में ! 

परी,”हां परी ने अपनी जादुई छड़ी घुमाई और नमक और केंकडे जैक के सामने ले आई ये देख जैक बोहोत खुश हुआ। परी  pariने कहा जाओ जैक ये अपनी मम्मी को दे दो फिर वो तुम्हे माफ कर देंगी।जैक ने परी का धन्यवाद किया और फिर परी फिर से आसमान में उड़ गई।

जैक जल्दी से घर गया और मम्मी को आवाज लगाई।

जैक,”मम्मी ! मम्मी! जल्दी बाहर आओ मम्मी ने आवाज सुनी तो उन्होंने सोचा कि जैक फिर से कोई ड्रामा कर रहा है ताकि मैं उसे अंदर आने दूं पर आज मैं दरवाजा नही खोलूंगी।

जैक ने फिर आवाज लगाई मम्मी जल्दी आओ देखो मैं क्या लाया हूं।

मम्मी ने गुस्से में दरवाजा खोला तो जैक के हाथों में नमक और केंकडे देख कर हैरान रह गई उन्होंने कहा ये तुम कहां से लाए। 

जैक बोला मैने कहा था ना इन दोनो को मैने घर का रास्ता समझाया था शायद ये रास्ता भूल गए होंगे इसलिए इन देर से आए हैं ।

मम्मी को कुछ समझ नही आ रहा था की केंकडे कैसे खुद घर आ सकते हैं पर उन्होंने ज्यादा सोचे बिना जैक को घर के अंदर ले लिया और फिर मम्मी ने जैक के लिए खाना बनाया और जैक और उसकी मम्मी खाना खा कर सो गए।

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